स्वामी विवेकानन्द की 161वीं जयंती

DOB- 12 जनवरी, 1863  

स्वामी विवेकानंद जयंती 2024  

12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे विवेकानंद का असली नाम विरेंद्र नाथ दत्त था।

निधन 4 जुलाई, 1902 को बेलूर मठ, बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब पश्चिम बंगाल, भारत) में हुआ था। ) 

स्वामी विवेकानंद जयंती 2024   

 रामकृष्ण परमहंस के शिष्य के रूप में उन्होंने आध्यात्मिकता, दर्शन और समाज सुधार में महारथ हासिल की।

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1893 में शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में उनके ऐतिहासिक भाषण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।

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 उन्होंने वेदांत के ज्ञान को पश्चिम तक पहुँचाया और भारत की संस्कृति को विश्वपटल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विवेकानंद जयंती 2024 

उनका संदेश "उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक लक्ष्य न मिल जाए" युवाओं को प्रेरित करता है।

विवेकानंद जयंती 2024 

1स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें कर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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 शिक्षा, समाज सेवा और चरित्र निर्माण पर उनका जोर आज भी प्रासंगिक है।

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उनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त था, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक वकील थे, और उनकी माँ का नाम भुवनेश्वरी देवी था, जो एक गृहिणी थीं। 

स्वामी विवेकानंद जयंती 2024 

आइए उनके जन्मदिन पर उनकी शिक्षाओं को याद करें और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।

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