Zomato और Swiggy को GST नोटिस जारी: ₹750 करोड़ से अधिक की कर मांग | GST notice issued to Zomato and Swiggy: Tax demand of over ₹750 crore in hindi

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GST notice issued to Zomato and Swiggy: Tax demand of over ₹750 crore in hindi

Zomato और Swiggy को GST नोटिस जारी: ₹750 करोड़ से अधिक की कर मांग (GST notice issued to Zomato and Swiggy: Tax demand of over ₹750 crore in hindi)

GST notice issued to Zomato and Swiggy: Tax demand of over ₹750 crore in hindi

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato और Swiggy को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) विभाग ने GST नोटिस जारी किए हैं। Zomato को ₹400 करोड़ का GST नोटिस भेजा गया है, वहीं Swiggy को ₹350 करोड़ का नोटिस भेजा गया है।

GST विभाग का मानना है कि Zomato और Swiggy सेवा प्रदाता हैं, इसलिए उन्हें GST देना चाहिए। हालांकि, Zomato और Swiggy का कहना है कि वे रेस्तरां के लिए ऑर्डर लेने और उनकी डिलीवरी करने के लिए केवल एक माध्यम हैं। वे रेस्तरां द्वारा लगाए गए GST का भुगतान करते हैं।

GST विभाग के इस कदम से Zomato और Swiggy के लिए संकट पैदा हो सकता है। उन्हें ₹750 करोड़ से अधिक की कर राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्हें भविष्य में भी GST का भुगतान करना पड़ सकता है।

Zomato और Swiggy की प्रतिक्रिया

Zomato ने एक बयान में कहा है कि वे GST विभाग के नोटिस की समीक्षा कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे। Swiggy ने भी कहा है कि वे भारत सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

GST विभाग का तर्क

GST विभाग का कहना है कि Zomato और Swiggy सेवा प्रदाता हैं और वे सेवा के लिए GST चार्ज करते हैं। इसलिए, उन्हें GST का भुगतान करना चाहिए।

GST विभाग ने यह भी कहा है कि Zomato और Swiggy ने अपने सिस्टम में कुछ कमियां छोड़ी हैं, जिससे उनका टर्नओवर कम दिखाया गया है।

Zomato और Swiggy का बचाव

Zomato और Swiggy का कहना है कि वे रेस्तरां के लिए ऑर्डर लेने और उनकी डिलीवरी करने के लिए केवल एक माध्यम हैं। वे रेस्तरां द्वारा लगाए गए GST का भुगतान करते हैं।

Zomato और Swiggy ने यह भी कहा है कि उन्होंने अपने सिस्टम में कोई कमी नहीं छोड़ी है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि GST विभाग का यह कदम ऑनलाइन फूड डिलीवरी उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है। इससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों की लागत बढ़ जाएगी, जो ग्राहकों पर बोझ बन सकती है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि GST विभाग का यह कदम सही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों को GST का भुगतान करना चाहिए क्योंकि वे सेवा प्रदाता हैं।

आगे की कार्रवाई

Zomato और Swiggy GST विभाग के नोटिस के खिलाफ अपील कर सकते हैं। हालांकि, यह भी संभव है कि उन्हें ₹750 करोड़ से अधिक की कर राशि का भुगतान करना पड़े।

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GST विभाग का यह कदम ऑनलाइन फूड डिलीवरी उद्योग के भविष्य के लिए अहम साबित होगा। यह देखा जाना बाकी है कि इस कदम का ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों और ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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