AR Rahman: ए.आर. रहमान जन्मदिन स्पेशल: संगीत का जादूगर – धुनों का सफर – जो दुनिया को झुमाया

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6 January Happy Birthday A.R. Rahman: The magician of music - who enthralled the world


संगीत का जादूगर, ए आर रहमान जन्मदिन की राग, सुरीले सितारे का सफर (6 January Happy Birthday A.R. Rahman: The magician of music – who enthralled the world)

6 January Happy Birthday A.R. Rahman: The magician of music - who enthralled the world

6 जनवरी का दिन भारत के संगीत जगत के लिए किसी खास मेले से कम नहीं। इसी तारीख को जन्मे हैं वो शख्स, जिनके नोटों में समाई है हर भावना, हर कहानी – ए आर रहमान। आज जब ये म्यूजिकल जादूगर अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो आइए उनके अनूठे सफर की कुछ झलकियाँ देखें, जो एक पियानो के नन्हे सपने से शुरू होकर विश्वपटल तक जा पहुँची हैं।

दिलीप कुमार के नाम से जन्मे, ए आर रहमान की कहानी चार साल की उम्र से ही संगीत के तार से जुड़ गई थी। पिता आर के शेकहर खुद फिल्मी संगीतकार थे, तो बचपन से स्टूडियो का माहौल ही रहमान के मन में धुनों को गूंथता गया। पिता के असामयिक निधन के बाद, नन्हे दिलीप ने सिर्फ नौ साल की उम्र में जिम्मेदारी का बोझ उठा लिया। संगीत के उपकरण किराए पर देकर घर चलाने और साथ ही खुद को तराशने की कोशिश – ऐसे दौर में रहमान का जुनून कभी कम नहीं हुआ।

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पियानो, सिंथेसाइज़र, वायलिन, बोल – हर वाद्य यंत्र को अपना हमसाया बनाते हुए, रहमान ने अलग-अलग संगीत शैलियों में महारत हासिल की। भारतीय शास्त्रीय संगीत से लेकर टेक्नो तक, उनका हर स्पर्श नया जादू करता था। 1992 में आई फिल्म “रोजा” से बॉलीवुड में कदम रखने के बाद, रहमान ने एक ऐसी धूम मचाई, जो आज तक थमने का नाम नहीं ले रही है। “दिल से” के “छाय… छाय..”, “रंगीला” के “तू ही रे…” जैसे रचनाओं ने हर किसी की जुबान पर रहमान का नाम चढ़ा दिया।

लेकिन रहमान सिर्फ बॉलीवुड तक सिमटे नहीं रहे। हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम समेत कई अन्य भाषाओं की फिल्मों में उनके संगीत ने भाषा की दीवारें तोड़कर दिलों को छुआ। “दिलwale Dulhania Le Jayenge”, “Lagaan”, “Taal”, “Yuva” जैसी फिल्मों में उन्होंने जिस तरह से पारंपरिक और आधुनिक धुनों का संगम रचाया, उसने भारतीय सिनेमा को एक नया मिजाज़ दिया।

रहमान की प्रतिभा सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उन्होंने अपना लोहा मनवाया। साल 2009 में आई फिल्म “स्लमडॉग मिलियनेयर” के लिए उनके बनाए गानों ने दुनिया भर में धूम मचा दी। “जय हो” ने तो ऑस्कर का भी सफर तय किया और रहमान को विश्व संगीत मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दी।

इसके बाद से तो हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स की लाइन लग गई। “127 Hours”, “Couples Retreat”, “People Like Us” जैसी फिल्मों में रहमान के संगीत ने अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा बटोरी। उन्होंने वीडियो गेम्स के लिए भी संगीत रचा, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

रहमान के संगीत की खासियत है उसकी विविधता, उसकी प्रामाणिकता और गहराई। हर गाने में वो सिर्फ धुन नहीं, बल्कि कहानी सुनाते हैं। भावनाओं को शब्दों से ज्यादा इमोशन से छूते हैं उनके हर स्वर। यही वजह है कि चाहे वो रोमांटिक गाना हो, फास्ट ट्रैक डांस नंबर हो या फिर इमोशनल म्यूजिकल पीस, रहमान का जादू हर किसी पर चलता है।

आज, रहमान सिर्फ म्यूजिक डायरेक्टर नहीं हैं, वो एक संस्था हैं। वो एक ऐसे ब्रिज हैं, जो भारतीय संगीत को पूरी दुनिया से जोड़ते हैं।

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